तीज
पर्व
दर
खाने
चेली
जन्म
धर
जाने
बाबा
अामा
दाजु
भाइ
साथ
मीठाे
पाई
त्यहाँ
चेली
बेटी
जम्मा
भई
चाम्रे
भात
खादा
मीठाे
माया
प्रेम
बाँडि
हामी
तीज
गीत
गाअाैं
साथी
नारी
जती
ब्रत
बसी
पुजा
पाठ
गर्छाै
हामी
दाजु
भाइ
साथ
पाई
चेली
जती
खुशी
भई
बाबा
अामा
काँख
रमी
जन्म
घर
रम्छाै
क्षण
दुःख
जति
भुल्छाै
चेली
क्षण
भर
नाचि
गाइ
फेरी
अाफ्नै
जन्म
घर
सुख
दु:ख
रम्छाै
हामी
-गङ्गा ‘अभिलाषी’२०७८/५/२०